April 24, 2024

राज्यसभा का सभापति कौन होता है – 2024

राज्यसभा का सभापति कौन होता है :- राज्सयसभा संसद की ऊपरी सदन होता है। राज्यसभा का गठन 03 अप्रैल 1952 को हुआ था तथा पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई थी।  इसके प्रथम सभापति डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे। राज्यसभा में सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 होती है, इसमें से 238 सदस्यों को निर्वाचित किया जाता है तथा 12 सदस्यों को भारत के राष्ट्रपति के द्वारा चयनित किया जाता है।

सभापति कौन होता है – राज्यसभा

  • भारत में राज्यसभा का सभापति उपराष्ट्रपति होता है।
  • उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों लोक सभा व राज्यसभा के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा होता है।
  • भारत के उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
  • वर्तमान में जगदीप धनखड़ राज्य सभा के सभापति के रूप में आसित हैं।

उपसभापति कौन होता है

  • राज्य सभा के द्वारा ही राज्यसभा के सदस्यों में किसी एक व्यक्ति को उपसभापति के रूप में नियुक्त किया जाता है। जिस समय सभपति राष्ट्रपति के कार्य में कार्यरत होते हैं उस समय उपसभापति सभापति का कार्यभार संभालने का कार्य करते हैं।
  • वर्तमान में श्री हरिवंश नारायण राज्यसभा के उपसभापति हैं।

सभापति और उपसभापति के अनुपस्थित होने पर क्या होता है

जब राज्यसभा में सभापति व उपसभापति दोनों ही अनुपस्थित होते हैं तो ऐसी स्थिति में उपसभाध्यक्ष के पद पर कार्य करने के लिए 6 सदस्यों को चुना जाता है जिनमे से एक सदस्य उपसभापति व सभापति दोनों के कार्यों का पालन करता है।

क्या सभापति मतदान कर सकता है ?

ऐसी स्थिति में जब पक्ष- विपक्ष को सामान मिलते हैं, तब इस अवस्था में सभापति  निर्णायक मत दे सकता है।

नोट:- यदि आपके आपके अन्य कोई प्रश्न हैं तो आप हमें अपने प्रश्न कमेंट में भी पूछ सकते हैं।

FAQ about Sabhapati
  1. भारत में राज्यसभा के वर्तमान सभापति कौन हैं?
  •  भारत में राज्यसभा के वर्तमान सभापति जगदीप धनखड़ हैं।
  1. राज्यसभा के सभापति का चुनाव कैसे किया जाता है?
  •  राज्यसभा के सभापति का चुनाव राज्यसभा के सदस्यों द्वारा मतदान के माध्यम से किया जाता है।
  1. राज्यसभा के सभापति की मुख्य जिम्मेदारियाँ क्या हैं?
  •  सभापति की मुख्य जिम्मेदारियों में सत्र की अध्यक्षता करना, व्यवस्था बनाए रखना और राज्य सभा में कामकाज का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना शामिल है।
  1. राज्यसभा के सभापति का कार्यकाल कितना होता है?
  •  राज्यसभा के सभापति का कार्यकाल अधिकतम 6 वर्ष का होता है।
  1. राज्यसभा का सभापति बनने के लिए क्या योग्यताएं आवश्यक हैं?
  •  राज्यसभा का सभापति बनने के लिए व्यक्ति को राज्यसभा का सदस्य होना जरूरी है।
  1. राज्यसभा के सभापति के पास क्या शक्तियाँ होती हैं?
  • सभापति के पास प्रक्रिया के नियमों की व्याख्या करने, व्यवस्था के बिंदुओं पर निर्णय लेने और सदन में अनुशासन बनाए रखने की शक्ति है।
  1. राज्यसभा में सभापति विधायी कार्यवाही को कैसे प्रभावित करता है?
  •  सभापति बहस का मार्गदर्शन करने, निष्पक्षता सुनिश्चित करने और राज्यसभा में विधेयकों और संकल्पों को पारित कराने में भूमिका निभाते हैं।
  1. राज्यसभा का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने में सभापति की क्या भूमिका होती है?
  • सभापति विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर राज्यसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं, भारतीय संसदीय प्रणाली में इसकी भूमिका और महत्व को बढ़ावा देते हैं।
  1. राज्यसभा के सदस्यों के बीच विवादों और असहमतियों को सभापति कैसे संभालते हैं?
  •  सभापति विवादों में मध्यस्थता करता है, संवाद को प्रोत्साहित करता है और सदन में सद्भाव और उत्पादकता बनाए रखने के लिए सदस्यों के बीच आम सहमति तक पहुंचने का प्रयास करता है।
  1. भारतीय संसदीय प्रणाली में सभापति के पद का क्या महत्व है?
  •  राज्यसभा का सभापति संसदीय परंपराओं के संरक्षक के रूप में एक प्रतिष्ठित पद रखता है, जो भारत के प्रमुख विधायी निकायों में से एक के प्रभावी कामकाज को सुनिश्चित करता है।
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